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GST Knowledge

GSTR-1 और GSTR-3B में क्या फर्क है?

Updated: Jan 2026 • By Account Hub Team

GST में नए व्यापारियों को सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन इसी बात का होता है— "दो अलग-अलग रिटर्न क्यों भरने हैं?"

सरल भाषा में कहें तो, GSTR-1 आपकी दुकान की 'सेल्स बुक' (Sales Book) है और GSTR-3B आपका 'पेमेंट चालान' (Payment Form) है। आइए इसे डिटेल में समझते हैं।

Quick Summary:
GSTR-1: इसमें सिर्फ Sales (बिक्री) की जानकारी जाती है। टैक्स पेमेंट यहाँ नहीं होता।
GSTR-3B: इसमें Sales + Purchase का टोटल जाता है और यहीं पर टैक्स का पेमेंट (Tax Payment) होता है।

1. GSTR-1 क्या है? (Sales Return)

GSTR-1 वह रिटर्न है जहाँ आपको अपनी सभी सेल्स (Outward Supplies) की जानकारी सरकार को देनी होती है।

2. GSTR-3B क्या है? (Summary & Payment)

यह एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (Summary Return) है। असली टैक्स का भुगतान इसी फॉर्म के जरिए होता है।

3. सीधा मुकाबला (Comparison Table)

एक नज़र में दोनों का अंतर समझें:

Basis GSTR-1 GSTR-3B
मकसद (Purpose) बिक्री (Sales) का विवरण देना। टैक्स का भुगतान (Payment) करना।
डिटेल्स (Format) बिल-वाइज (Invoice-wise) जानकारी। सिर्फ टोटल वैल्यू (Summary)।
ITC (क्रेडिट) इससे सामने वाले को ITC मिलता है। इसमें हम खुद ITC क्लेम करते हैं।
Late Fees 50/- प्रति दिन (अगर लेट हुए तो)। 50/- प्रति दिन + ब्याज (Interest)।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोनों फॉर्म एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अब नियम यह है कि आपके GSTR-1 और GSTR-3B का डेटा आपस में मैच होना चाहिए। अगर GSTR-1 में सेल ज्यादा दिखाई और 3B में कम टैक्स भरा, तो आपको GST डिपार्टमेंट से नोटिस आ सकता है।

इसलिए, अकाउंटिंग सही रखें और दोनों रिटर्न समय पर भरें।

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