Updated: Jan 2026 • By Account Hub Team
हर साल ITR भरते समय या कंपनी में इन्वेस्टमेंट प्रूफ देते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है— "मैं Old Regime चुनूं या New Regime?"
सरकार अब New Tax Regime को बढ़ावा दे रही है और इसे 'Default' बना दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सबके लिए बेहतर है। आइए समझते हैं कि आपके लिए फायदे का सौदा क्या है।
यह नया सिस्टम है जिसे सरल बनाया गया है। इसमें टैक्स की दरें (Rates) कम हैं, लेकिन इसमें आपको कोई छूट (Deductions) नहीं मिलती।
यह पुराना सिस्टम है। इसमें टैक्स रेट थोड़े ज्यादा हैं, लेकिन यह आपको 'इन्वेस्टमेंट' करके टैक्स बचाने का मौका देता है।
| Feature | New Regime | Old Regime |
|---|---|---|
| Tax Rates | कम (Lower) | ज्यादा (Higher) |
| Exemptions (80C, 80D etc.) | ❌ नहीं मिलती | ✅ मिलती हैं |
| HRA & Home Loan | ❌ नहीं मिलता | ✅ मिलता है |
| Standard Deduction | ✅ मिलता है | ✅ मिलता है |
| Paperwork | बहुत कम (Simple) | ज्यादा (Complex) |
कोई एक फॉर्मूला सबके लिए सही नहीं है।
1. अपनी कुल इनकम जोड़ें।
2. अपने कुल निवेश (Investments) और खर्चों (HRA/Home Loan) को घटाएं।
3. अगर निवेश ₹3.75 लाख से ज्यादा है, तो Old Regime चुनें। अगर निवेश कम है, तो New Regime आपके लिए बेस्ट है।